पंजाब में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या हुई 86

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86 killed in Punjab due to poisoning
सात एक्साइज व छह पुलिस अधिकारी निलंबित
मृतकों के आश्रितों को पंजाब सरकार देगी दो दो लाख की सहायता
चंडीगढ़, 01 अगस्त । पंजाब के तीन जिलों में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 86 तक पहुँच गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले में सात आबकारी व कराधान के तथा छह पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। इनमे दो डीएसपी व चार थाना प्रभारी शामिल है। प्रभावित गांवों में आज दिन भर चिताएं जलने के सिलसिला जारी रहा। इस दुखद घटना पर पंजाब में राजनीति भी शुरू हो गई है। अकाली दल व आम आदमी पार्टी जहां कांग्रेस को घेर रहे हैं वही अमरिंदर या उनके मंत्री धरातल पर कुछ करने की बजाए अकालियों को उनकी सरकार में हुई घटनाओं को लेकर पलटवार कर रहे हैं।
इस घटना में तीन जिलों तरन तारन, अमृतसर ग्रामीण और गुरदासपुर में अब तक 86 व्यक्तियों की जान चली गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए ऐक्स-ग्रेशिया मुआवजा देने का ऐलान किया। इनमें बहुत से तरन तारन से सम्बन्धित हैं जहाँ 63 मौतें हुई हैं जबकि अमृतसर ग्रामीण में 12 और गुरदासपुर (बटाला) में 11 मौतें हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी भी सरकारी कर्मचारी या अन्य की मिलीभगत के सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
उन्होंने नकली शराब बनाने और बेचने को रोकने में पुलिस और आबकारी विभाग की नाकामी को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी को भी हमारे लोगों को जहर पिलाने की हरगिज इजाजत नहीं दी जायेगी। इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी नकली शराब बेचने के धंधे में शामिल है, वह इसको तुरंत बंद कर दे या फिर गंभीर नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस को दोषियों की खोज करने और इस केस में शामिल सभी व्यक्तियों पर आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। इस केस में उन्होंने बीते दिन ही डिवीजन कमिश्नर को मैजिस्ट्रियल जांच करने के आदेश दिए हैं जिनको एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि एसी गैर-कानूनी कार्यवाहियों को सहन नहीं किया जायेगा।

 

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