कोरोना काल में EPFO से लोगों ने निकाले 30 हज़ार करोड़ – ब्याज दर में पढ़ सकता है असर 

0
159
कोरोना काल में EPFO से लोगों ने निकाले 30 हज़ार करोड़

नई दिल्ली , 28 जुलाई। भारत जैसे देश में जहां लोग सेविंग्स पर ज्यादा यकीन करते हैं। जहां पर लोग पीएफ में जमा रकम तो निकालने से पहले कई बार सोचते हैं। पीएफ की रकम हमेशा बेहद मजबूरी में या कहें आखिरी विकल्प के तौर पर ही निकाली जाती है। लेकिन कोरोना काल में जब नौकरियां जाने लगीं… सैलरी कट होने लगीं तो फिर लोगों ने पीएफ की रकम को निकालने का विकल्प जमकर इस्तेमाल किया। ताजा आंकड़ों के मुताबिक

-अप्रैल से जुलाई के तीसरे हफ्ते के बीच EPFO से 30 हज़ार करोड़ की निकासी हुई
-EPFO के 80 लाख सब्सक्राइबर्स ने ये रकम निकाली है
-EPFO में देशभर के करीब 6 करोड़ कर्मचारियों और उनके कंपनियों की जमा की गई रकम है
-अनुमान है कि EPFO के पास करीब 10 लाख करोड़ की रकम जमा है
इतनी बड़ी रकम के निकलने से आशंका जताई जा रही है कि इससे EPFO की ब्याज देनदारी की क्षमता पर असर हो सकता है। दरअसल, सामान्य हालात में EPFO से जितनी रकम की निकासी होती है उसके मुकाबले इन 4 महीनों में ज्यादा रकम निकाली गई है।
-2019-20 में EPFO से डेढ़ करोड़ लोगों ने 52 हफ्तों में 72 हज़ार करोड़ रुपए निकाले गए
-वहीं अप्रैल से जुलाई के तीसरे हफ्ते तक 16 हफ्तों में 30 हज़ार करोड़ निकाले गए जिसमेंआने वाले महीनों में निकासी की रफ्तार बढ़ने का अनुमान है
-अगर मौजूदा आंकड़ों पर भी चलें तो भी 2020-21 में 1 लाख करोड़ की निकासी EPFO से किए जाने का अनुमान है
यानी EPFO के लिए भी हालात खराब नजर आते हैं। कोरोना काल की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने EPFO से पैसा निकालने के लिए एक विशेष कोविड विंडो का एलान किया था। ये कदम इसलिए उठाया गया था कि ज़रुरत के वक्त लोग आसानी से पैसा निकाल सकें।
-इस विंडो के ज़रिए 30 लाख सब्सक्राइबर्स ने 8 हज़ार करोड़ से ज्यादा रकम निकाली है
-वहीं 50 लाख सब्सक्राइबर्स ने मेडिकल एडवांस के तौर पर 22 हज़ार करोड़ रुपए निकाले हैं
-अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्दी ही ये आंकड़ा 80 लाख से बढ़कर 1 करोड़ हो जाएगा
ऐसे में EPFO के लिए अपनी आमदनी के रास्ते में थोड़ी रुकावटें आ सकती हैं। इसका सीधा असर भी इस साल EPFO की ब्याज दर पर पड़ सकता है।

कोई जवाब दें