व्यापार में तेजी लाते हैं सही ज्योतिष – वास्तु उपाय

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ज्योतिषाचार्य और वास्तुविद ज्योति वर्धन साहनी

जीवन में उतार चढ़ाव की तरह सामान्यतः व्यापार में भी अनेकों बार उतार चढ़ाव आते रहते हैं। हर व्यक्ति यह चाहता है की उसका व्यवसाय दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करे। अपने धन को कुशलता से सही समय पर सही वास्तु के व्यापार में लगाने वाला व्यक्ति ही व्यापार में तेजी से आगे बढ़ सकता है। यह कुशलता ज्योतिष और वास्तु के कम खर्चे से घरेलू उपायों के द्वारा हासिल की जा सकती है। कुछ उपाय हम आपको यहाँ बता रहे हैं –
यदि आप अपने व्यावसायिक स्थल पर देरी से पहुँचते हैं तो वहां स्थित मंदिर में जोत जलाने की जिम्मेदारी अपने किसी भरोसे के कर्मचारी को सौंपें या फिर इस काम के लिए महीने की दक्षिणा पर आस पास के किसी मंदिर के पुजारी को रख लें जो समय पर आकर पूजा कर ले। व्यावसायिक स्थल पर नियमित पूजा होना आवश्यक है तथा यहाँ पर साफ़ साफ भी रहनी चाहिए। सुबह के अलावा शाम को गो धूलि बेल पर नियमित पूजा करने से व्यापार में तेजी आती है इसके अलावा अपनी आय का कुछ अंश दान करने से भी व्यापार फलता फूलता है।
व्यापारिक स्थल में दक्षिण पश्चिम में उत्तर पूर्व की और मुंह करके बैठने से आपका कर्मचारियों और ग्राहकों से अच्छा सम्बन्ध रहता है। महत्वपूर्ण फाइलों को पूर्व अथवा पश्चिम में रखने से अच्छे परिणाम मिलते हैं।
आपके व्यापार स्थल में सिंक , वाशबेसिन या टॉयलेट में नल कभी टपकने नहीं चाहिए इससे व्यापार में बरगद ख़त्म हो जाती है। इसके लिए यदि किसी नाल में लीकेज हो तो उसे तुरंत ठीक करवाएं या हो सके तो बदल दें।
कार्यालय में अच्छी सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के लिए वहां के दरवाजे हमेशा अंदर की और खुलने चाहिए और प्रवेश स्थल पर रौशनी अच्छी होने से यह प्रवाह और भी तेज हो जाता है। इसके साथ हो प्रवेश द्वार पर कोई शुभ जैसे ॐ , स्वास्तिक या शुभ लाभ जैसे चिन्ह होने से यह और भी लाभदायक होता है।
हर व्यक्ति चाहता है की उसे व्यापार में मान सम्मान और इज्जत के साथ धन मिले इसके लिए व्यापार स्थल में आंतरिक साज सज्जा का भी ध्यान रखना चाहिए। ऑफिस की दीवारें गहरी रंग की न कराकर हलके रंग जैसे नारंगी , क्रीम , पिंक, धानी इत्यादि रंग की करवाएं जिससे ऊर्जा का सकारात्मक प्रवाह बना रहे।
इसके अलावा कई लोग जगह जगह भगवान् के फोटो और मूर्ती को सजावट के सामान की तरह रखते है जो की गलत है। भगवान् की फोटोओं या मूर्तियों को केवल पूजा के स्थान पर ही रखें और उनकी नियमित पूजा करें। इसके स्थान पर अपने व्यापर से सम्बंधित चित्रों को दीवारों पर लगाएं। अपने उत्पाद का प्रदर्शन उत्तर पश्चिम में करना लाभदायक होता है।
कार्यस्थल पर गल्ला या लॉकर सदा उत्तर दिशा की खुलने चाहिए इससे व्यापार में तेजी आती है आउट आपका कैशबॉक्स / गल्ला / लॉकर सदा धन से भरा रहता है।
खिड़की रोशनदान और पानी की व्यवस्था जितना सके उत्तर और पूर्व दिशा में करनी चाहिए।
यदि आपका कोई शोरूम या दूकान है तो ध्यान रखें की आपके बैठने की सीट थोड़ी ऊंची हो जिससे आपके कमर से ऊपर का हिस्सा ग्राहक को नज़र आये। यदि ऐसा नहीं है तो तुरंत इसको ठीक करवाएं।
दरवाजे पर खड़े होने वाले चौकीदार या गार्ड का मुहं यदि पूर्व या उत्तर दिशा में रहेगा तो वह अधिक चुस्ती फुर्ती के साथ चौकीदारी करेगा व् चोरी चकारी या धोखाधड़ी से भी आप बचे रहेंगें।
पूजाघर में अभिमंत्रित श्रीयंत्र रखने के अलावा आप शुक्रवार को अपने माता या पत्नी से जोट जलवाना शुरू करें व् उनके हाथ से सफ़ेद मिठाई का भोग लगवाकर अपने कर्मचारियों में बटवाये तो आप पर लक्ष्मी जी की विशेष कृपा बरसेगी और इसका लाभ आपको तुरंत दिखाई देने लगेगा।

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